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भाकृअनुप-भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, देहरादून पर चार माह प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के समापन समारोह का दिनांक फरवरी 07, 2024 को आयोजन

भा०कृ०अनुप - भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान देहरादून द्वारा 08 अक्टूबर 2023 से 07 फ़रवरी 2024 के दौरान मृदा एवं जल संरक्षण एवं जलागम प्रबन्धन विषय पर चार माह प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के 126 वें बैच का आयोजन किया गया। आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के केरल, असम, पंजाब, नागालैंड एवं मेघालय राज्यो से 23 प्रशिक्षु अधिकारियों (10 पुरुष एवं 13 महिला प्रशिक्षुओं) द्वारा प्रतिभाग किया गया। दिनांक 07 फ़रवरी, 2024 को संस्थान के प्रागण में आयोजित प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के समापन समारोह का आयोजन किया गया। समापन समारोह में डॉ जगमोहन शर्मा, निदेशक, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी, देहरादून ने बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। समारोह के दौरान संस्थान के निदेशक डॉ एम० मधु द्वारा मुख्य अतिथि का स्वागत किया गया। संस्थान के मानव संसाधन विकास विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ चरण सिंह द्वारा आयोजित किए गए प्रशिक्षण का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया।

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समापन समारोह के दौरान मुख्य अतिथि डॉ जगमोहन शर्मा द्वारा समस्त प्रतिभागी प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागी प्रशिक्षुओं के समग्र प्रदर्शन के आधार पर असम राज्य के प्रशिक्षुओं श्री रक्तिम किरण दास को स्वर्ण तथा श्रीमती ज्योतिरुपा कलिता को रजत एवं केरल राज्य की प्रशिक्षु श्रीमती रशिम मनोहर को कांस्य पदक प्रदान किए गए। प्रमाण पत्र वितरण के उपरांत अपने संबोधन में मुख्य अतिथि द्वारा मिट्टी एवं जल संरक्षण व जलागम प्रबन्धन विषय पर आयोजित प्रशिक्षण हेतु संस्थान के प्रयासो को सराहा गया। उन्होने बताया की भारतवर्ष का वर्ष 2047 तक विकसित देशों की श्रेणी में शामिल होने का स्वप्न पूर्ण करने हेतु देश में खाद्य जल व परिस्थितिक सुरक्षा बनाए रखना अति आवश्यक है जिसके लिए मृदा एवं जल संसाधनों का संरक्षण किया जाना परम आवश्यक होगा। इस आवशयकता को पूर्ण करने हेतु देश में प्रशिक्षित श्रम शक्ति की आपूर्ति इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों द्वारा ही सुनिश्चित की जा सकती है अतः उनके द्वारा संस्थान को देश के विकास में योगदान करने वाला संस्थान बताया गया है।

समापन समारोह के दौरान संस्थान के निदेशक डॉ एम० मधु द्वारा समस्त प्रतिभागी प्रशिक्षुओं को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण किए जाने हेतु बधाई देने के साथ साथ उनके द्वारा प्रशिक्षण में सीखे गए ज्ञान व कौशल का अपने अपने राज्यों में जमीनी स्तर पर उपयोग किए जाने का आवाहन किया गया। इस अवसर पर उन्होने “मिट्टी कपड़ा और मकान, मिट्टी का ही वरदान, हम सब संरक्षण इसका करेंगे तो देश हमारा बनेगा महान” स्लोगन के प्रचार प्रसार किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम का संचालन प्रशिक्षण के समन्वयक व प्रधान वैज्ञानिक डॉ लेख चंद द्वारा किया गया। समारोह के दौरान संस्थान के अन्य जाने माने वैज्ञानिक डॉ आर० के० सिंह, डॉ जे० एम० एस० तोमर, डॉ एस० एस० श्रीमाली, डॉ मातबर सिंह राणा, डॉ इन्दु रावत, डॉ तृशा रॉय एवं डॉ शदीकुल इस्लाम भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षण समन्वयक द्वारा सभी का धन्यवाद किया गया तथा प्रशिक्षण के आयोजन हेतु श्री सुरेश कुमार, श्री अनिल कुमार, श्री के० आर० जोशी, श्रीमती लता भँवर, श्री धर्मपाल, श्री कमल किशोर, श्री नरेश लाल, कु० नेहा चौटाला, कु० आकांक्षा वर्मा को भी सराहा गया।

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