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भाकृअनुप-भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, देहरादून पर हिंदी चेतना मास दिनांक 01 से 30 सितम्बर, 2023 तक आयोजित किया गया

भाकृअनुप-भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, देहरादून में दिनांक 01 सितंबर 2023 से 30 सितंबर 2023 की अवधि में “हिंदी चेतना मास” मनाया गया इसके अंतर्गत सर्वप्रथम दिनांक 01.09.2023 को हिंदी चेतना मास का उद्घाटन समारोह संस्थान के संगोष्ठी कक्ष में आयोजित किया गया।इस समारोहमें हिंदी साहित्य के प्रख्यातनवगीतकार, वरिष्ठ पत्रकार एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर असीम शुक्ल जी बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित थे। श्री शुक्ल जी ने अपने प्रगल्भपूर्ण वक्तव्य से सभी श्रोताओं का ज्ञानवर्धन करने के साथ- साथ उन्हें हिंदी के प्रति निष्ठापूर्ण ढंग से काम करने के लिए प्रेरित किया। हिंदी दिवस पर अपना विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा,“इंग्लैण्ड में न तो कोई अंग्रेजी दिवस मनाया जाता है और न ही किसी अन्य देश में कोई भाषा दिवस,लेकिन भारत में हिंदी दिवस, हिंदी पखवाड़ाया हिंदीचेतना मास मनाया जाता है। इसका कदापि यह अर्थ नहीं कि सरकार का उदेश्य केवल उत्सव मनाना है बल्कि इसके पीछे सरकार का उद्देश्य यह है कि हम अपनी भाषा से निर्मूल न हो बल्कि अपनी जड़ों से जुड़े रहे क्योंकि जो जड़ों से अलग हो जाता है, वह उजड़ जाता है।” हिदी भाषा सर्वग्राहिता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि,“हिंदी संत कवियों की कुटियों से आई है न कि राज दरबारों से, इसलिए हम कह सकते है कि हिंदी हमारे जीवन से अलग नहीं हो सकती है”। उद्घाटन समारोह के दौरान अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में संस्थान के निदेशक डॉ. एम.मधु ने कहा कि “वर्तमान में विश्व के बदलते आर्थिक एवं सांस्कृतिक परिदृश्य में हिंदी भाषा न केवल राष्ट्र भाषा के रूप में बल्कि वैश्विक भाषा के रूप में भी मजबूती से स्थापित हुई है। विश्व की बहुराष्ट्रीय कम्पनियां अपने विज्ञापन में हिंदी का सर्वाधिक प्रयोग कर रही हैं। अत: ऐसी महत्वपूर्ण भाषा हम सभी के लिए एक परिसम्पति की तरह है जिसका अधिक से अधिक प्रयोग करते हुए हम हिंदी भाषा के उन्नयन में अपना योगदान दे सकते हैं।”

उदघाटन समारोह के पश्चात् हिंदी प्रतियोगिताएँ आरम्भ हुईं |दिनांक 04.09.23 को हिंदी निबंध प्रतियोगिता तथा 05.09.23 को श्रुतलेखन प्रतियोगिताआयोजित की गयी |दिनांक 08.09.23 को हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन)मेंवाद- विवाद प्रतियोगिता (विषय- हिंदी की उप बोलियों को संविधान की आठवीं अनुसूची में रखा जाना हिंदी साहित्य के लिए कितना चुनौतीपूर्ण है ) का आयोजन किया गया जिसमे मुख्यालय के साथ- साथ अनुसंधान केंद्रों के वैज्ञानिकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी भाग लिया। दिनांक 11 सितंबर 2023 को हाइब्रिड मोड मेंहिंदी आशुभाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया जिसमे मुख्यालय तथा केंद्रों के कर्मियों ने प्रतिभागिताकी।

14 सितंबर 1949 के दिन हिंदी को संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किए जाने के उपलक्ष्य में ‘हिंदी दिवस’समारोह मनाया गया जिसमे संगोष्ठी कक्ष में उपस्थित सभी कार्मिकों ने हिंदी भाषा में ‘मृदा एवं जल संरक्षण’ शीर्षक पर तात्कालिक वक्तव्य दिए और उपहारस्वरूप सभी को निदेशक महोदय द्वारा पौधा देकर सम्मानित किया गया |हिंदी दिवस समारोह का संचालन श्री हीरा नन्द शर्मा, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी द्वारा किया गया।

19 सितंबर 2023 को हाइब्रिड मोड में हिंदी कविता पाठ प्रतियोगिता आयोजित की गई।20 सिंतबर 2023 को समाज विज्ञान प्रभाग के समिति कक्ष में हिंदी प्रारूपण एवं टिप्पणी लेखनप्रतियोगिता का आयोजन किया गया।25 सिंतबर 2023 को केवल हिंदीतर भाषी कार्मिकों के लिए शुद्ध एवं शीघ्र हिंदी लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गयी।

दिनांक 27.09.23 को ज़ूम मीटिंग के माध्यम से एक राष्ट्रीय वेव संगोष्ठी का आयोजन किया गया |संगोष्ठी का विषय था –“राजभाषा के रूप में हिंदी का महत्व”| इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि- प्रो. खेमसिंह डहेरिया (कुलपति- अटल बिहारी हिंदी विश्वविद्यालय, भोपाल,म०प्र०)बीजवक्त्ता- प्रो० गंगाधर वानोडे(क्षेत्रीय निदेशक, केन्द्रीय हिंदी संस्थान, हैदराबाद) एवं विशिष्ट वक्तागण के रूप में - प्रो. रजनी बाला (अध्यक्ष, हिंदी विभाग, जम्मू विश्वविद्यालय, जम्मू) प्रो. राजेंद्र गौतम (पूर्व प्रोफेसर दिल्ली विश्वविद्यालय) डॉ. प्रीति के. (एसोसिएट प्रोफेसर एवं अध्यक्ष, हिंदी विभाग, कन्नूर विश्वविद्यालय, केरल)उपस्थितथे।

श्री केशव देव, पूर्व संयुक्त निदेशक (राजभाषा), आईएआरआई, नई दिल्ली), श्री जय नारायण उपाध्याय, राजभाषा अधिकारी (राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला नई दिल्ली), डॉ. शंकर शर्मा, सहायक निदेशक (राजभाषा), एफआरआई, देहरादून) , श्री देवेन्द्र कुमार धरम, उपनिदेशक (राजभाषा) एनबीएलयूएसएस, नागपुर) ने इन प्रतियोगिताओं में निर्णायक की भूमिका निभाई।

04 अक्टूबर 2023 को ‘हिंदी चेतना मास’ का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। प्रो. राम विनय सिंह,(संस्कृत विभाग, डी.ए.वी. कॉलेज, देहरादून) इस अवसर पर मुख्य अतिथि थे। श्री सिंह ने संस्कृत एवं हिंदी में पारस्परिक संबंध, हिंदी शब्द की ऐतिहासिकव्युत्पत्ति तथा विषय पर प्रकाश डाला।इस समारोह में पुरस्कार वितरण के दौरान निदेशक महोदय तथा मुख्य अतिथि द्वारा हिंदी भाषी वर्ग एवं हिंदीतर भाषी वर्ग की प्रतियोगिताओं के कुल 71 विजेताओं कोपुरस्कृत किया गया। समारोह के दौरान अपने अध्यक्षीय भाषण में संस्थान के निदेशक महोदयडॉ. एम.मधु ने सबसे पहले प्रो. राम विनय सिंह को आमन्त्रण स्वीकार करने और लोकोपयोगी एवं प्रेरणादायक वक्तव्य के लिए धन्यवाद दिया। इसके पश्चात उन्होंने संस्थान मुख्यालय तथा क्षेत्रीय केन्द्रों के सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए उन सभी से संस्थान की हिंदी पत्रिका में अपने लेख एवं कविताएँ प्रषित करने के लिए निर्देश दिया।

‘हिंदी चेतना मास 2023 के कार्यक्रम की रुपरेखा तैयार करने, प्रतियोगिताओं का आयोजनतथा कार्यक्रमों के समन्वय एवं मंच संचालन का समस्त कार्य उपनिदेशक (राजभाषा)श्री आशुतोष कुमार तिवारी द्वारा किया गया।

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